कांके। रांची तंत्रिका मनोचिकित्सा एवं सम्बद्ध विज्ञान संस्थान रिनपास के प्रभारी निदेशक डॉ. जयति शिमलाई को प्रभारी निदेशक पद से हटाने की मांग को लेकर समाजसेवी सूरज प्रकाश गुप्ता एवं उत्तम कुमार ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग को आवेदन दिया है लेकिन इस पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री, अपर मुख्य सचिव सहित स्वास्थ्य विभाग मौन धारण किए हुए हैं। इन दोनों ने अपने दिए आवेदन में कहा है कि स्वास्थ्य शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिसूचना संख्या 312(!!) दिनांक 14 10.2024 के विरुद्ध डॉ जयति शिमलाई को प्रभारी निदेशक बनाने, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची में दायर परिवाद संख्या-- 99/ 2022, निगरानी कोर्ट रांची में दायर--02/2025, एवं सिविल न्यायालय रांची में दर्ज शिकायत वाद संख्या -10777/ 2022 में होने वाले निष्पक्ष सनुवाई एवं गवाह को प्रभावित करने की संभावना के कारण डॉ जयति शिमलाई को निलंबित करते हुए रिनपास कांके रांची के प्रभारी निदेशक पद से तत्काल हटाया जाय।
आवेदनकत्ता ने अपने आवेदन में कहा है कि स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के समय कैबिनेट से पारित अधिसूचना सं.- 312 (!!) दिनांक 14/10/2024 रिनपास कांके रांची के निदेशक पद की नियुक्ति एवं सेवा शर्त नियमावली संशोधन वर्ष 2024 में बनाई थी। इस नियमावली में योग्यता, अनुभव का प्रावधान रखा गया। लेकिन इस आदेश के विरुद्ध राज्य का स्वास्थ्य मंत्रालय कनीय पदाधिकारी को पुन: 12 दिसंबर 2025 को रिनपास का प्रभारी निदेशक बना दिया। इन्होंने कहा है कि कैबिनेट से पारित अधिसूचना के अनुसार प्रभारी निदेशक डॉ शिमलाई की योग्यता अनुभव निदेशक पद के योग्य नहीं है। वर्तमान में इनके द्वारा पद का दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितता की जा रही हैं।
सिविल कोर्ट में दिनांक 2/4/ 2022 को एक महिला मनोरोगी की मृत्यू पर मुकदमा विचाराधीन है। वही आवेदनकर्त्ताओं ने कहा है कि वर्तमान में डा. जयति द्वारा पद का दुरूप्रयोग व संस्थान में वित्तीय अनियमितता भी की जा रही है। इसलिए डॉ जयति शिमलाई पर नियम संगत कार्रवाई कर इन्हें निलंबित करते हुए प्रभारी निदेशक पद से हटाया जाना अति आवश्यक है।

Post a Comment