कांके थाना में निदेशक डा. वीके चौधरी और प्रशासकीय अधिकारी सुनील सूर्यवंशी व दो सफाई कर्मियों के सुपरवाइजर पर हुई प्राथमिकी दर्ज
सुनील कुमार गुप्ता
कांके। केंद्रीय मन: चिकित्सा संस्थान (सीआईपी) में एमएस धनंजय डीके यादव की मेन पावर कंपनी जो मसूपुर बिहटा पटना की है। इस कंपनी में बाह्य स्रोत से कार्यरत निजी सफाई कर्मी के रूप में कार्य कर रहे 33 वर्षीय बिरसा कच्छप बुकरू, कांके निवासी की दर्दनाक मौत संस्थान परिसर में स्थित निदेशक आवास में पेड़ की डाली काटने के क्रम में डाली से दबकर हो गई। घटना लगभग 3:30 की बताई जा रही है। घटना के बाद मृतक को आनन फानन में कांके ब्लॉक चौक स्थित कांके जनरल हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम, डॉक्टर शंभू के यहां लाया गया। जहां चिकित्सकों ने इस मृत घोषित कर दिया। इस मामले को दबाने के उद्देश्य से सीआईपी प्रबंधन के कुछ अधिकारी इस अस्पताल में आए और इसे जल्दबाजी में लेकर रिम्स चले गए।
इस घटना के सूचना मिलते ही आंखों से सफाई कर्मियों ने और उनके परिजनों ने निदेशक आवास का घंटा घेराव किया।
थाना की पुलिस इस समय निदेशक आवास की सुरक्षा में रही। इसके पश्चात भाजपा के वरिष्ठ नेता कमलेश राम, जनजाति सुरक्षा मंच के अध्यक्ष संदीप उरांव, जनजाति सुरक्षा मंच के और मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोमा उरांव घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। इस दौरान मृतक के भाई प्रदीप कच्छप व इनके बहन वहां काफी मायूस होकर रो रहे थे। लोगों के समझाने के बाद सभी कांके थाना आये और थाना का भी घेराव कर दिया। थाने की घेराव और आदिवासी युवक की मृत्यु की सूचना पाकर मौके पर ही केंद्रीय सरना समिति के नेत्री निशा उराव और अध्यक्ष फूलचंद तिर्की भी कांके थाना पहुंचे। इसके बाद पुलिस कर्मियों और डीएसपी अमर कुमार पांडेय, थाना प्रभारी प्रकाश कुमार रजक के समझाने पर वे सभी माने और कांके थाना में प्राथमिकी दर्ज करने हेतु आवेदन दिया।
प्रार्थमिकी में मृतक बिरसा उरांव के भाई प्रदीप कच्छप ने दिये आवेदन में कहा है कि हम सभी आदिवासी प्रकृति पूजक है। लेकिन घटना के समय निर्देशक आवास में निदेशक डॉ विजय कुमार चौधरी, प्रशाकीय अधिकारी (एओ) सुनील सूर्यवंशी, सफाई कर्मियों के सुपरवाइजर सुचिंद्र कुमार और परवेज आलम नौकरी से हटाने की धमकी देकर और डरा धमकाकर मेरे भाई बिरसा उरांव से पेड़ कटवा रहे थे। इसी क्रम में एक बड़ी पेड़ की डाली मेरे भाई की छाती में आ गिरी जिससे वह वही वही 20 मिनट तक दबा रहा। इसके पश्चात उसे शीघ्र कांके नर्सिंग होम ले जाया गया जांच किसको नहीं से मृत घोषित कर दिया और रिम्स ले जाने की सलाह दी।
बताते चले कि इसी ठीका कंपनी में कार्य करने के दौरान 12 अगस्त 2025 को पतरा टोली कांके निवासी 25 वर्षीय रिजवान अंसारी की भी मौत दुर्घटना से हुई थी। इस मामले को भी सीआईपी प्रबंधन ने दबा दिया था और इसकी जांच भी आज तक ठंडा बस्ता पर पड़ी है। इस मामले पर जानकारी लेने के लिए संस्थान के निदेशक डॉक्टर बी के चौधरी और कंपनी के धनंजय कुमार के मोबाइल पर फोन की गई लेकिन इन्होंने फोन नहीं उठाया।
बताते चले कि पूर्व में पेड़ की डाली कटाई का काम सीपीडब्ल्यूडी द्वारा संस्थान में होता था। लेकिन इसे वर्तमान निदेशक ने बंद कर सफाई कर्मियों से कार्य ले रहा था और वह अभी बिना सेफ्टी बेल्ट की सुरक्षा का। जिसके कारण यह घटना घटी है।



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