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मॉरीशस के पूर्व उप प्रधानमंत्री के बेटी दामाद को बड़कागांव पहुंचने पर किया गया स्वागत

रांची एयरपोर्ट पर सगे संबंधी व ग्रामीणों ने फूल माला व पुष्प गुच्छ देकर किया सम्मानित  

पैतृक गांव सिमरातरी को दुल्हन की तरह सजाया गया था 

आशीष कुमार साव 

हजारीबाग:- मॉरीशस के पूर्व उप प्रधानमंत्री हरीश बुद्धू की बेटी सचिता बुद्धू 50 वर्ष एवं दामाद अजय बुद्धू 55 वर्ष को पैतृक गांव बड़कागांव प्रखंड के सिमरातरी पहुंचने पर भव्य रूप से स्वागत किया गया। इससे पूर्व झारखंड रांची एयरपोर्ट पर पहुंचते ही सगे संबंधी व ग्रामीणों ने पहुंचकर  फूलमाला व पुष्प  देकर भव्य स्वागत किया। वहां से आने के बाद विश्रामपुर से गाजे-बाजे के साथ गांव तक ले जाया गया। बड़कागांव प्रखंड के सिमरातरी गांव जो डॉ हरीश बुद्धू के पूर्वजों की जन्म भूमि को इनको आने की खुशी में दुल्हन की तरह सजाया गया था। गांव में आज होली दिवाली मनाई गई। डॉ हरीश बुद्धू एवं मॉरीशस के भोजपुरी भाषा संघ अध्यक्ष  डॉ सरिता बुद्धू की  बेटी सचिता बुद्धू दामाद अजय बुद्धू का स्वागत कुशवाहा समाज के प्रखंड अध्यक्ष सोहनलाल मेहता एवं सिमरातरी गांव के ग्राम अध्यक्ष केदार महतो ने संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर मुखिया लीलावती कुमारी ,अजीत कुमार, पूर्व मुखिया अशोक कुमार, खेमलाल महतो,  ग्राम उपाध्यक्ष दिलीप कुमार, सचिव कमल कुमार, कोषाध्यक्ष सिकंदर महतो, ईश्वरी महतो कैलाश महतो दौलत महतो ,दीपक महतो, अशोक महतो ,सुरेंद्र प्रसाद दांगी, अरुण महतो, रामू महतो, तिला महतो,कंचन महतो, चंद्रिका महतो चिंतामणि महतो सुभद्रा कुमारी पूनम कुमारी सहित भारी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष एवं बच्चे शामिल थे। इससे पूर्व उपप्रधानमंत्री हरीश बुद्धु 1986 एवं 1991 में गांव आए थे। प्रथम बार भारत के  तत्कालीन प्रधान राजीव गांधी और बिहार के तत्कालीन मुख्य मंत्री लालू प्रसाद यादव के मदद से हरीश बुद्धु अपना गांव खोज  निकाले थे। गांव पहुंचने पर अजय बुद्धू ने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़ा हूं सच्ची पहचान और विकास की प्रेरणा है।आगे उन्होंने कहा कि पूर्वज लगभग 110 वर्ष पूर्व गन्ने की खेतों में मजदूरी हेतु मॉरीशस गए थे।  वहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग बिहार, उत्तर प्रदेश से गए थे। मॉरीशस में राजनीतिक पहचान मिली। राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की मजबूत भागीदारी तब हुई, जब मॉरीशस के उप प्रधानमंत्री पद पर  डॉ हरीश बुद्धू आसीन हुए । समाज सुधार और प्रशासनिक सुधरो के समर्थक भारतीय मूल के नेताओं में प्रमुख स्थान रहा। भारत मॉरीशस का संबंध डॉ हरीश बुद्धू के आने से भारत और मॉरीशस का संबंध मजबूत हुए । भारत सरकार से संपर्क कर सांस्कृतिक संबंध मजबूत किया।प्रवासी भारतीय विरासत को सम्मान दिलाने में योगदान रहा  दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक रिश्तो को नई दिशा दी गई। मॉरीशस को छोटा भारत भी कहा जाता है। क्योंकि वहां भारतीय संस्कृति का गहरा प्रभाव है ।मॉरीशस की लगभग 65 से 70 प्रतिशत आबादी भारतीय मूल की है। मॉरीशस में हिंदी और भोजपुरी भाषा का व्यापक प्रचलन है। 2 नवंबर को मॉरीशस में  अप्रवासी दिवस मनाया जाता है। अप्रवासी घाट यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। इस तरह से हमारे बड़कागांव सिमरातरी गांव से निकलकर मॉरीशस का नेतृत्व करना बड़कागांव के लोगों को  सौभाग्य प्राप्त हुआ है। जब पूर्व उप प्रधानमंत्री डॉ हरीश बुद्धू ने 1991 में अपने पैतृक गांव सिमरातरी पहुंचे थे।उस समय शिक्षा की बहुत कमी थी। उनके आने से सिमरातरी गांव एवं गंगादोहर में गांव में बच्चों को शिक्षित करने के लिए दोनों गांव में स्कूल की स्थापना की गई। कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिला। युवाओं को जागरूकता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित की गई।35 वर्ष बाद उनका बेटी दामाद सिमरातरी गांव पहुंचकर लोगों के उत्साह को बढ़ाया है।

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