केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने प्रैक्टिकल परीक्षाओं को लेकर अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि प्रैक्टिकल परीक्षाएं फाइनल रिजल्ट में निर्णायक भूमिका निभाती हैं, इसलिए स्कूल, छात्र और अभिभावक किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
CBSE के अनुसार, सत्र 2025-26 के लिए प्रैक्टिकल, इंटरनल असेसमेंट और प्रोजेक्ट वर्क का मूल्यांकन 1 जनवरी से 14 फरवरी 2026 के बीच पूरा किया जाना अनिवार्य है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि जिस दिन प्रैक्टिकल परीक्षा आयोजित हो, उसी दिन उसके अंक ऑनलाइन अपलोड किए जाएं। एक बार अंक अपलोड होने के बाद उसमें किसी तरह का संशोधन संभव नहीं होगा।
स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रैक्टिकल की आंसर शीट पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हों। यदि किसी स्कूल में कमी होती है तो तुरंत संबंधित CBSE रीजनल ऑफिस को सूचित करना होगा। साथ ही, विज्ञान प्रयोगशालाओं को पूरी तरह तैयार रखने पर जोर दिया गया है, ताकि छात्रों को परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बोर्ड ने साफ किया है कि कक्षा 12 की प्रैक्टिकल परीक्षाएं केवल CBSE द्वारा नियुक्त परीक्षक ही लेंगे। स्कूल अपने स्तर पर परीक्षक नियुक्त नहीं कर सकते। नियमों का उल्लंघन करने पर परीक्षा रद्द होने जैसी सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।
CBSE ने दिव्यांग और विशेष जरूरत वाले छात्रों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। वहीं, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों को भी प्रैक्टिकल परीक्षा से कोई छूट नहीं मिलेगी और उनके लिए अलग तारीख निर्धारित नहीं की जाएगी।
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे समय पर अपने प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल फाइल पूरी करें और स्कूल के संपर्क में बने रहें। अभिभावकों को भी नियमित रूप से अपडेट लेते रहने को कहा गया है, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
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