कांके। रिनपास की वर्तमान प्रभारी निदेशक डॉ. जयति सिमलाई के विरुद्ध न्यायालय में आपराधिक मुकदमा चलेगा। झामुमो रांची जिला के संयोजक सदस्य सह समाजसेवी सोनू मुंडा द्वारा दायर शिकायतवाद संख्या 10777/2022 की सुनवाई के बाद न्यायिक दंडाधिकारी रांची-24 ऋत्विका सिंह ने 20 जनवरी को आदेश पारित किया। न्यायालय ने डॉ. जयति सिमलाई के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 एवं 304(ए) के तहत मुकदमा चलाने का निर्णय लिया है।
अब डॉ. जयति सिमलाई पर तेज और लापरवाही से वाहन चलाने तथा लापरवाही से मृत्यु कारित करने का आरोप सिद्ध होने की प्रक्रिया चलेगी। शिकायतकर्ता सोनू मुंडा की ओर से रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता ईशान रोहन ने मामले की पैरवी की।
यह है पूरा मामला
मामला 2 मार्च 2022 का है, जब रिनपास में इलाजरत महिला मरीज तैरु निशा को तत्कालीन विभागाध्यक्ष, मनोचिकित्सा विभाग, डॉ. जयति सिमलाई की कार से धक्का लग गया था। इस हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आरोप है कि डॉ. जयति सिमलाई महिला वार्ड परिसर में तेज और लापरवाही से वाहन चला रही थीं। साथ ही, इस घटना को पेड़ से गिरने की घटना बताकर दबाने का प्रयास किया गया। मामले की जानकारी मिलने पर सोनू मुंडा ने सीजेएम रांची की अदालत में शिकायतवाद संख्या 6364/2022 दर्ज कराया। न्यायालय के निर्देश पर कांके थाना में कांड संख्या 198/2022 दर्ज कर अनुसंधान किया गया।
हालांकि, पुलिस ने बिना गवाहों के बयान दर्ज किए ही साक्ष्य के अभाव में डॉ. जयति सिमलाई को निर्दोष बताते हुए अंतिम प्रतिवेदन सौंप दिया था। इस पर सोनू मुंडा ने पुनः न्यायालय में चुनौती दी। अधिवक्ता ईशान रोहन द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने मंगलवार को डॉ. जयति सिमलाई के विरुद्ध मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी।
फिलहाल डॉ. जयति सिमलाई को प्राध्यापक नहीं होने के बावजूद रिनपास का प्रभारी निदेशक नियुक्त किया गया है। ऐसे में उनके पद पर बने रहने से मामले की निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।


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