लोहरदगा जिले में एक लाइनमैन की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने लोहरदगा–रांची रेल लाइन को बाधित कर दिया, जिससे राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया। घटना के बाद मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने ट्रेनें रोक दीं, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मृत लाइनमैन की पहचान कैरो थाना क्षेत्र के नगजुआ गांव निवासी 50 वर्षीय वासुदेव उरांव के रूप में हुई है। वह रेलवे में एडहॉक आधार पर कार्यरत था। बुधवार को लोहरदगा–रांची रेलखंड पर कार्य के दौरान वह एक मालगाड़ी की चपेट में आ गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
गुरुवार शाम लोहरदगा से रांची जाने वाली मेमू ट्रेन आरएल–6 को ग्रामीणों ने नगजुआ के पास रोक दिया। शाम 4:45 बजे लोहरदगा से रवाना हुई ट्रेन 15 मिनट बाद नगजुआ स्टेशन के समीप फंस गई। ग्रामीणों ने लाल झंडा लगाकर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया और पटरी पर बैठ गए। इस कारण रेलखंड पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
रेल ट्रैक जाम होने से दिल्ली–रांची राजधानी एक्सप्रेस और रांची–सासाराम एक्सप्रेस भी अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी रही। राजधानी एक्सप्रेस पिस्का स्टेशन पर, जबकि रांची–सासाराम एक्सप्रेस नगजुआ के पास रोकी गई।
मामले की सूचना मिलने पर आरपीएफ और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। आरपीएफ प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि लाइनमैन की मौत के बाद ग्रामीण मुआवजे की मांग कर रहे हैं और स्थिति को सामान्य करने के लिए बातचीत की जा रही है। देर शाम तक रेलवे ट्रैक पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
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