आशीष कुमार साव
बड़कागांव :- क्षेत्र के वरिष्ठ वामपंथी नेता और जनसंघर्षों के प्रतीक कामरेड कन्हाई साव के निधन से पूरा इलाका गमगीन हो उठा। शनिवार को डोकाटाण्ड स्थित नदी श्मशान घाट पर उनके अंतिम संस्कार में सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़े। नम आंखों से लोगों ने अपने प्रिय जननेता को अंतिम विदाई दी।
“क्षेत्र ने कर्मठ, जुझारू और संघर्षशील योद्धा खोया” – भुवनेश्वर प्रसाद मेहता
हजारीबाग के पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कामरेड कन्हाई साव के निधन से बड़कागांव ही नहीं, बल्कि पूरा क्षेत्र मर्माहत है। उन्होंने कहा कि साव एक कर्मठ, जुझारू और संघर्षशील सामाजिक व राजनीतिक योद्धा थे, जिनकी भरपाई संभव नहीं है।
“मेरे राजनीतिक अभिभावक थे” – संजीव कुमार बेदिया
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सचिव संजीव कुमार बेदिया ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कामरेड कन्हाई साव उनके राजनीतिक अभिभावक थे। उनके मार्गदर्शन में ही उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक जीवन की दिशा पाई।
आजीवन जनसंघर्ष को समर्पित जीवन-
कामरेड कन्हाई साव का जन्म वर्ष 1944 में बड़कागांव प्रखंड के डोकाटाण्ड ग्राम में हुआ था। प्रारंभ से ही वे सामाजिक चेतना से जुड़े रहे और जनहित के मुद्दों पर मुखर आवाज बने। उन्होंने लाल झंडे के बैनर तले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और जीवनपर्यंत पार्टी के विभिन्न पदों पर रहकर संगठन को मजबूत किया।
सामाजिक स्तर पर भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और क्षेत्र के गरीब, मजदूर व वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करते रहे।
रांची में इलाज के दौरान हुआ निधन-
पिछले 20 दिनों से वे रांची स्थित ऑर्किड अस्पताल में इलाजरत थे। किडनी और शुगर की शिकायत के कारण उनका उपचार चल रहा था। शुक्रवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
इकलौते पुत्र ने दी मुखाग्नि-
शनिवार को डोकाटाण्ड के समीप नदी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके इकलौते पुत्र अखिलेश साव ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़कागांव, केरेडारी, पतरातू सहित विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ों लोग शामिल हुए।
जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों ने दी श्रद्धांजलि-
अंतिम संस्कार में कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से विधायक रोशन लाल चौधरी, अनिरुद्ध कुमार, बड़कागांव विधानसभा सांसद विधानसभा मीडिया प्रतिनिधि उमेश दांगी, कामरेड विंध्याचल बेदिया, राजद नेता कुंज बिहारी साहू,सोहनलाल मेहता, गिरिजेश कुमार, महेंद्र राम, रामेश्वर राम, उग्रसेन गिरी केदार महतो, सुरेश महतो, संतोष कुमार बेचन साव,जगत नंदन गुप्ता राजेश कुमार, संजय साव, केदार महतो,पारसनाथ महतो , अजित कुमार, गणेश साव, गणेश साव,समेत सैकडों सामाजिक कार्यकर्ता, मुखिया व गणमान्य लोग मौजूद थे।
संघर्ष की विरासत छोड़ गए कन्हाई साव-
कामरेड कन्हाई साव ने अपने पीछे संघर्ष, सिद्धांत और जनसेवा की ऐसी विरासत छोड़ी है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। क्षेत्र के लोगों के दिलों में वे एक सच्चे जननेता के रूप में हमेशा जीवित रहेंगे।

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