प्रतिष्ठित संस्थान में मिली बड़ी उपलब्धि
आशीष कुमार साव
हजारीबाग :- हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत सिकरी गांव के होनहार छात्र मनीष कुमार गुप्ता पिता नरेश कुमार गुप्ता जो वर्तमान में बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा (बीआईटी मेसरा) में अध्ययनरत हैं, ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए संस्थान में आयोजित प्रतिष्ठित टेक्निकल एवं इनोवेशन प्रोग्राम “बीआईटी निशान” में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि से उन्होंने न केवल संस्थान बल्कि सिकरी गांव और पूरे बड़कागांव क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
स्मार्ट ईवी साइकिल की खास पहल
मनीष और उनकी टीम पिछले दो वर्षों से “स्मार्ट कैंपस मोबिलिटी” की अवधारणा पर आधारित एक किफायती और स्मार्ट ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) साइकिल प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य कॉलेज परिसर में सुरक्षित, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।
इस स्मार्ट ईवी साइकिल की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं
जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम– रियल-टाइम लोकेशन मॉनिटरिंग।
जीएसएम मॉड्यूल इंटीग्रेशन– मोबाइल नेटवर्क आधारित कनेक्टिविटी।
जियो-फेंसिंग तकनीक– निर्धारित सीमा से बाहर जाने पर अलर्ट।
एडवांस सुरक्षा एवं मॉनिटरिंग सिस्टम– चोरी की संभावना में कमी।
पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन– कम लागत में हरित ऊर्जा आधारित समाधान।
यह प्रोजेक्ट कैंपस में रेंटल सेवा मॉडल पर आधारित है, जिससे छात्रों को किफायती दर पर ईवी साइकिल उपलब्ध कराई जा सके।
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर शोध, विशेषज्ञों की सराहना
मनीष प्रोफेसर डॉ. आनंद प्रसाद सिन्हा के मार्गदर्शन में इलेक्ट्रिक वाहनों में उपयोग होने वाली लिथियम-आयन बैटरियों की दक्षता बढ़ाने से जुड़े शोध पर भी कार्य कर रहे हैं। देश में तेजी से बढ़ते ईवी बाजार के बीच उनका यह शोध ऊर्जा संरक्षण और बैटरी प्रदर्शन सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संस्थान ने उनके प्रोजेक्ट की उपयोगिता को देखते हुए प्रारंभिक चरण में ₹10 हजार की प्रोटोटाइपिंग ग्रांट प्रदान की, जिससे उन्होंने एक सफल वर्किंग मॉडल तैयार किया। उत्कृष्ट प्रस्तुति और तकनीकी नवाचार के आधार पर उन्हें ₹1 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
मनीष और उनकी टीम ने कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है:
बीआईटी मेसरा में आयोजित बी- प्लान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान, ₹10,000 पुरस्कार।
बीआईटी निशान स्टार्टअप प्लेटफॉर्म में द्वितीय स्थान, ₹1 लाख पुरस्कार।
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी देल्ही में आयोजित कॉलेज यूथ आइडियाथॉन में भाग लेकर पूरे भारत में टॉप 40 टीमों में स्थान
ग्रामीण क्षेत्रों और बालिकाओं के लिए उपयोगी पहल
यह परियोजना केवल कॉलेज परिसर तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा और आवागमन को सुलभ बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। किफायती ईवी साइकिल ग्रामीण छात्राओं के लिए सुरक्षित परिवहन का विकल्प बन सकती है।
सिकरी से शुरू हुई शिक्षा यात्रा
मनीष की प्रारंभिक शिक्षा अपने पैतृक गांव सिकरी से शुरू हुई और बाद में हजारीबाग के माउंट एगमाउंट स्कूल में रहकर इंटर तक की शिक्षा प्राप्त की । कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
परिवार और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
मनीष ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा स्व. महाबीर साव (जिनका निधन दिसंबर 2025 में हुआ), दादी डालेश्वरी देवी, पिता नरेश कुमार गुप्ता, माता अनिता गुप्ता, भैया पीयूष कुमार गुप्ता सहित पूरे परिवार को दिया है। उन्होंने अपने सभी प्रोफेसर्स, मेंटर्स और टीम सदस्यों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
आत्मनिर्भर भारत और हरित ऊर्जा की दिशा में कदम
मनीष का यह प्रोजेक्ट “मेक इन इंडिया” और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सशक्त पहल है। टीम भविष्य में इस मॉडल को इंडस्ट्री-ग्रेड स्तर पर विकसित कर बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की योजना बना रही है, ताकि इसे विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जा सके।
सिकरी और बड़कागांव क्षेत्र के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय है
मनीष की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से ग्रामीण पृष्ठभूमि का छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है।

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