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पूर्वी सिंहभूम में E-POS मशीन वितरण कार्यक्रम, मंत्री डॉ इरफान अंसारी हुए शामिल


बिरसा मुंडा टाउन हॉल, सिदगोड़ा में आयोजित जिला स्तरीय E-POS मशीन वितरण कार्यक्रम में राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ इरफान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 20 जन वितरण प्रणाली संचालकों के बीच सांकेतिक रूप से 4G E-POS मशीन का वितरण किया।

कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष, जिला परिषद उपाध्यक्ष, उप विकास आयुक्त, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, बीडीओ, एमओ, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा सभी जन वितरण प्रणाली संचालकों को 4G E-POS मशीन उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि राशन वितरण व्यवस्था में तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता और सुगमता लाई जा सके। पूर्वी सिंहभूम जिले में कुल 1242 जन वितरण प्रणाली विक्रेता कार्यरत हैं, जिनमें अनुभाजन क्षेत्र में 427 और प्रखंड क्षेत्र में 815 विक्रेता शामिल हैं।

अपने संबोधन में मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि नई मशीन से लाभुकों के साथ-साथ जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं का समय बचेगा और तकनीकी समस्याओं में भी कमी आएगी। लाभुक अब अधिक आसानी से अपना खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।

मंत्री ने बताया कि राज्यभर में धान अधिप्राप्ति योजना के तहत खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में 15 दिसंबर 2025 से बायोमीट्रिक सत्यापन के माध्यम से निबंधित किसानों से धान की खरीद की जा रही है। इस वर्ष किसानों को 2450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से एकमुश्त एवं त्वरित भुगतान का प्रावधान किया गया है। किसान ई-उपार्जन मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए स्वयं पंजीकरण, स्लॉट बुकिंग और भुगतान की स्थिति देख सकते हैं।

पूर्वी सिंहभूम जिले में कुल 53 धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर 4G E-POS मशीन के माध्यम से धान की खरीद की जा रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में 3,65,410 प्राथमिकता प्राप्त गृहस्थ परिवारों के 14,05,466 सदस्य और अंत्योदय अन्न योजना के तहत 54,015 परिवारों के 1,71,201 सदस्यों का राशन कार्ड बनाया गया है। इस प्रकार जिले में कुल 4,19,425 परिवारों के 15,76,667 सदस्य राशन योजना से आच्छादित हैं।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिकता प्राप्त परिवारों को प्रति सदस्य 5 किलोग्राम और अंत्योदय अन्न योजना के तहत प्रति कार्ड 35 किलोग्राम खाद्यान्न निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 41,525 परिवारों के 1,25,212 सदस्यों को प्रति लाभुक 5 किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त दिया जा रहा है।

पीवीटीजी डाकिया योजना के अंतर्गत जिले के 5,105 आदिम जनजाति परिवारों को 35 किलोग्राम चावल का पैकेट घर-घर पहुंचाकर निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा सरकारी भोजन केंद्र योजना के तहत जिले के 17 नियमित मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 4,600 गरीब लोगों को 5 रुपये प्रति थाली भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित परिवारों को प्रत्येक छह माह में एक बार प्रति परिवार एक साड़ी और एक धोती/लुंगी 10 रुपये प्रति वस्त्र की अनुदानित दर पर उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सभी आच्छादित परिवारों को प्रतिमाह एक किलो चना दाल, एक किलो आयोडीन युक्त नमक और एक किलो चीनी निःशुल्क दी जा रही है।

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