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कांग्रेस ओबीसी मोर्चा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया


हजारीबाग:-हजारीबाग जिला परिषद में व्याप्त कथित घोटाले, भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में मनमानी को लेकर कांग्रेस ओबीसी मोर्चा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत नागवाला ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले को उजागर किया। उन्होंने कहा कि जिला परिषद में करोड़ों रुपये की बंदरबांट हो रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

सुरजीत नागवाला ने आरोप लगाया कि हजारीबाग जिला परिषद के जिला अभियंता आशीष कुमार आनंद के कार्यकाल की पूरी कहानी संदेहों से भरी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस तरह पूरे वर्ष में लगातार केवल चुनिंदा लोगों को करोड़ों रुपये के कार्य आवंटित किए जाते रहे हैं। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में जिला परिषद द्वारा किए गए सभी कार्यों, संबंधित संवेदकों और कार्यों की गुणवत्ता की जांच की मांग की।

उन्होंने कहा कि जिला परिषद में दर्जनों रजिस्टर्ड ठेकेदार होने के बावजूद काम केवल कुछ नामचीन लोगों को ही दिया जाता है और पूरी टेंडर प्रक्रिया को मैनेज किया जाता है। जिला परिषद के बड़े बाबू नंदकिशोर की भूमिका को भी उन्होंने संदिग्ध बताया और आरोप लगाया कि कई संवेदकों के साथ उनकी साझेदारी है। वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर रोहित कुमार पर बड़े पैमाने पर कागजात में हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया।

प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि जिला परिषद द्वारा आरोग्यम अस्पताल को गलत तरीके से भवनों का आवंटन किया गया। नियमों के विरुद्ध एक ही व्यक्ति को तीन-तीन भवन आवंटित किए गए। वर्ष 2018 में आरोग्यम अस्पताल द्वारा जमा की जाने वाली सिक्योरिटी मनी अब तक जमा नहीं की गई है। यदि यह राशि समय पर जमा होती तो सरकार को मूलधन के साथ करोड़ों रुपये का ब्याज प्राप्त होता, लेकिन इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ है।

यह भी आरोप लगाया गया कि आरोग्यम अस्पताल द्वारा हर महीने जिला परिषद के कुछ कर्मचारियों को लाखों रुपये नजराने के रूप में दिए जाते हैं, ताकि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न हो सके। नागवाला ने कहा कि हर वर्ष 200 से 300 करोड़ रुपये के कार्य आवंटन के बावजूद जिला परिषद के मुख्य पदों पर संविदा कर्मी कार्यरत हैं, जो पूरी व्यवस्था को चला रहे हैं।

उन्होंने हजारीबाग के उपायुक्त और उप विकास आयुक्त से जिला परिषद पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की। साथ ही जिला परिषद की सभी परिसंपत्तियों के आवंटन, बड़कागांव स्थित अडानी कार्यालय के आवंटन की शर्तों और प्रक्रिया की जांच की मांग की। पूरे मामले की जांच एसीबी से कराने और पदाधिकारियों द्वारा अर्जित कथित अवैध संपत्ति की भी जांच की मांग की गई।

सुरजीत नागवाला ने कहा कि जिला परिषद में हो रहे घोटालों से सरकार की छवि धूमिल हो रही है, जबकि छोटे संवेदक और गरीब तबके के लोग ठेकेदारी के माध्यम से अपनी आजीविका नहीं चला पा रहे हैं। कुछ गिने-चुने बड़े ठेकेदार और पदाधिकारी करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को मंत्री और प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष रखा जाएगा और घोटाले में शामिल पदाधिकारियों को जेल भेजने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

प्रेस वार्ता में ओबीसी मोर्चा के प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गोपा, इंटक प्रदेश सचिव धीरज सिंह, ओबीसी जिला अध्यक्ष अजय प्रजापति, इंटक जिला अध्यक्ष कजरू साव समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

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