नई दिल्ली : नए साल 2026 की शुरुआत भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि लेकर आई है। लंबी दूरी की यात्राओं को अधिक आरामदायक और आधुनिक बनाने की दिशा में रेलवे ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रूट का ऐलान कर दिया है। स्वदेशी तकनीक से तैयार इस हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन का सफल ट्रायल पूरा हो चुका है और अब इसे नियमित परिचालन में लाने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ऐतिहासिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहटी से कोलकाता के बीच चलाई जाएगी। इसके शुरू होने से पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के बीच रेल संपर्क को नई मजबूती मिलेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उद्घाटन की तारीख की औपचारिक घोषणा जल्द की जा सकती है।
लंबी दूरी की यात्रा के लिए खास डिजाइन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को विशेष रूप से रात की लंबी दूरी की यात्राओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें आधुनिक स्लीपर कोच, बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, उन्नत सुरक्षा फीचर्स और तेज रफ्तार की सुविधा दी गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रेन पारंपरिक स्लीपर ट्रेनों की तुलना में ज्यादा आरामदायक होगी और यात्रियों का समय भी बचाएगी।
पूर्वोत्तर और बंगाल को मिलेगा सीधा फायदा
गुवाहटी–कोलकाता रूट पर इस ट्रेन के संचालन से असम, पश्चिम बंगाल और आसपास के राज्यों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। यह रूट व्यापार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क के लिहाज से भी काफी अहम माना जाता है।
रेल मंत्री का बयान
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2026 भारतीय रेलवे के सुधारों का अहम साल होगा। आने वाले समय में वंदे भारत सीरीज की और भी आधुनिक ट्रेनें देश के प्रमुख रूटों पर शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि रेलवे का लक्ष्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देना और यात्रा समय को लगातार कम करना है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार
गुवाहटी–कोलकाता वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पूर्वोत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इससे न सिर्फ यात्री आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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