रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित मल्लार कोचा से 2 जनवरी को अपहृत दो मासूम भाई-बहन अंश (7 वर्ष) और अंशिका (6 वर्ष) का सुराग लगाने के लिए अब पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग करेगी। एसआईटी और टेक्निकल टीम की शुरुआती कोशिशें विफल रहने के बाद वरीय अधिकारियों ने यह निर्णय लिया है।
इस उद्देश्य से पांच दरोगाओं की एक विशेष टीम गठित की गई है, जो एसएसपी और सिटी एसपी की सीधी निगरानी में AI के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की पहचान करेगी। पुलिस द्वारा चिन्हित सीसीटीवी फुटेज को AI सॉफ्टवेयर से स्कैन कराया जाएगा। यह तकनीक इलाके में आने-जाने वाली गाड़ियों के मॉडल और रंग के आधार पर उन्हें शॉर्टलिस्ट करेगी। साथ ही यह भी विश्लेषण किया जाएगा कि कौन सी गाड़ी सबसे अधिक बार इलाके में दिखी और कौन सी मुख्य सड़क से ब्रांच रोड की ओर गई। AI से मिले इनपुट के बाद पुलिस संदिग्ध वाहनों का मैनुअल सत्यापन करेगी।
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। शनिवार को भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहु सहित अन्य नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पुलिस को दो दिनों का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक बच्चे बरामद नहीं हुए तो एसएसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। वहीं, आक्रोशित लोगों ने मशाल जुलूस निकालते हुए रविवार को धुर्वा बंद का आह्वान किया है।
पुलिस अब तक शहर के प्रमुख मार्गों, तालाबों और कुओं तक की सघन तलाशी ले चुकी है। मौसीबाड़ी इलाके में घर-घर तलाशी अभियान चलाया गया है और नशेड़ियों व संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस हर संभावित एंगल पर जांच कर रही है, लेकिन फिलहाल मासूमों का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।
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