रांची में श्री जीण माता प्रचार समिति द्वारा आदि शक्ति श्री जीण माता जी का दो दिवसीय 16वां वार्षिकोत्सव 10 एवं 11 जनवरी 2026 को स्थानीय मारवाड़ी भवन परिसर, हरमू रोड में श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में शहर के भक्त भाग लेंगे।
10 जनवरी 2026 को माता जी की भव्य निशान यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह यात्रा सेवा सदन पथ स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर से दोपहर 1 बजे प्रारम्भ होकर नगर भ्रमण करते हुए मारवाड़ी भवन पहुंचेगी। यात्रा के लिए सभी 501 निशान लक्ष्मी नारायण मंदिर से ही वितरित किए जाएंगे। मारवाड़ी भवन पहुंचने पर सभी निशान माता जी के चरणों में अर्पित किए जाएंगे। निशान यात्रा का संचालन समिति के सदस्य विष्णु सेन एवं उनके सहयोगियों द्वारा किया जाएगा। इस यात्रा में कुल 501 भक्त निशान उठाकर अपनी श्रद्धा प्रकट करेंगे।
उत्सव के दूसरे दिन 11 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजे माता जी का अभिषेक कार्यक्रम होगा। अभिषेक उत्सव के मुख्य संयोजक श्री विजय पालड़ीवाल एवं सह संयोजक श्री ओम प्रकाश अग्रवाल द्वारा सपरिवार यह पूजन किया जाएगा। अभिषेक के उपरांत भगवान श्री गणेश का विधिवत पूजन संपन्न होगा। इसके बाद दोपहर 1 बजे से शक्ति मंगल पाठ का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें 700 महिलाएं सामूहिक रूप से भाग लेकर पाठ करेंगी। सभी महिलाएं पारम्परिक वेशभूषा में उपस्थित होंगी। मंगल पाठ के वाचन और भजन गायन हेतु जीणधाम (सीकर, राजस्थान) से श्री आनंद जी पाराशर एवं वर्धा से रिंकू चौबे विशेष रूप से पधार रहे हैं।
इस मंगल पाठ के दौरान जीण माता जन्मोत्सव, मेंहदी उत्सव, 56 भोग, भजन संध्या तथा निशान अर्पण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेष आकर्षण के रूप में माता जी को 51 फीट लंबा विशाल गजरा एवं 181 फीट लंबी भव्य चुनड़ी अर्पित की जाएगी। कार्यक्रम का समापन रात्रि 8 बजे महाआरती के साथ होगा। निशान यात्रा एवं शक्ति मंगल पाठ में भाग लेने हेतु कूपन 5 जनवरी 2026 से मारवाड़ी भवन में प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से संध्या 5 बजे तक वितरित किए जा रहे हैं।
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष विजय पालड़ीवाल, सचिव नारायण विजयवर्गीय, कोषाध्यक्ष बजरंग सोमानी, सह सचिव प्रदीप शर्मा सहित संदीप, रमेश, कृष्णा, विनोद, सुरेश, आनंद, घनश्याम, अजय, विनय, गौरव, विशाल, सुनीता, कविता, शीतल, रितु, ऊषा, संगीता, ज्योति, निधि, सविता, नेहा, सुमन, प्रिया आदि अनेक सदस्य पूर्ण निष्ठा के साथ सहयोग कर रहे हैं।
आदि शक्ति श्री जीण माता जी का प्राचीन एवं जागृत मंदिर आठवीं शताब्दी से राजस्थान के सीकर जिले के गोरिया धाम में स्थित है। माता जी को दुर्गा का अवतार माना जाता है। मान्यता है कि औरंगजेब ने इस मंदिर को तोड़ने के उद्देश्य से आक्रमण किया था, तब माता जी की कृपा से भंवरों की फौज ने उसकी सेना को पराजित कर दिया। पश्चाताप होने पर औरंगजेब ने माता जी से क्षमा मांगी और हर महीने सवा मन तेल मंदिर में चढ़ाने का प्रण लिया ताकि माता की अखंड ज्योत निरंतर जलती रहे।
पौराणिक इतिहास के अनुसार माता जी का मूल नाम जीवण बाई था। उनका जन्म राजस्थान के चूरू जिले के घांघू गांव के चौहान वंशीय राजा गांगोसिंह जी के घर हुआ था। उनके बड़े भाई हर्ष को भैरव का अवतार माना जाता है। पारिवारिक विवाद के बाद जीवण बाई ने अरावली के हर्ष पर्वत पर जाकर कठोर तपस्या की और जयंती माता की आराधना से देवी रूप में परिवर्तित हुईं। तभी से वह जीण जयंती माता के नाम से पूजी जाने लगीं।
नवरात्रि के दौरान चैत्र और अश्विन मास में वर्ष में दो बार लाखों भक्त इस धाम में दर्शन हेतु एकत्रित होते हैं। मंदिर परिसर में भक्तों के ठहरने के लिए अनेक धर्मशालाएं उपलब्ध हैं। इस मंदिर की विशेषता यह है कि माता जी के मंदिर के पट कभी बंद नहीं होते, ग्रहण काल में भी आरती समय पर होती है तथा इस धाम में विशेष आध्यात्मिक आस्था और सुरक्षा का वातावरण बना रहता है।
रांची में आयोजित होने वाला यह 16वां वार्षिकोत्सव भक्तों के लिए भक्ति, शक्ति और सांस्कृतिक एकता का अनुपम अवसर सिद्ध होगा।


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