विजय चंद्रा
रजरप्पा: सेन्ट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के रजरप्पा क्षेत्र में राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन एवं कार्यालयी कार्यों में इसके अधिकाधिक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय राजभाषा कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में रजरप्पा क्षेत्र के अलावा हजारीबाग क्षेत्र, कुजू क्षेत्र तथा केंद्रीय कर्मशाला बरकाकाना से 45 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि अशोक कुमार, महाप्रबंधक (राजभाषा), सीसीएल मुख्यालय थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राजभाषा हिंदी केवल एक संवैधानिक दायित्व ही नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति को सरल, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे कार्यालयी पत्राचार, टिप्पणियों, रिपोर्टों एवं दैनिक कार्यों में अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करें, ताकि सीसीएल में 100 प्रतिशत हिंदी में कार्य करने के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
कार्यशाला के रिसोर्स पर्सन के रूप में दिविक दिवेश, उप प्रबंधक (राजभाषा), सीसीएल मुख्यालय ने प्रतिभागियों को राजभाषा नीति, अधिनियम एवं नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार कार्यालयी कार्यों में सरल एवं शुद्ध हिंदी का प्रयोग किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कंप्यूटर एवं डिजिटल माध्यमों में हिंदी टाइपिंग, शब्दावली एवं मानकीकृत प्रारूपों के उपयोग पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर रजरप्पा क्षेत्र के महाप्रबंधक राजीव सिंह ने मुख्य अतिथि एवं रिसोर्स पर्सन का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि रजरप्पा क्षेत्र राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का मंच संचालन आशीष झा, नोडल अधिकारी (राजभाषा), रजरप्पा क्षेत्र द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्य, रूपरेखा एवं गतिविधियों की जानकारी देते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में रामानुज प्रसाद, स्टॉफ अधिकारी (मा. सं.) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी आगंतुकों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा राजभाषा हिंदी से संबंधित अपने अनुभव एवं जिज्ञासाएं साझा कीं। इस प्रशिक्षण से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालयी कामकाज में हिंदी के प्रयोग के प्रति नई प्रेरणा एवं व्यवहारिक समझ प्राप्त हुई। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक वातावरण एवं राजभाषा हिंदी के प्रति दृढ़ संकल्प के साथ हुआ।

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