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बी.एम. मेमोरियल स्कूल में डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं महान गणितज्ञ आर्यभट्ट की जयंती मनाई गई

एक ने विश्व को जीरो दिया और दूसरे ने भारत को संविधान

बड़कागांव:- बड़कागांव प्रखंड के हजारीबाग रोड स्थित अंग्रेजी माध्यम से संचालित बी.एम. मेमोरियल स्कूल में 14 अप्रैल को विश्व को जीरो देने वाले महान गणितज्ञ आर्यभट्ट एवं भारत के संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने आर्यभट्ट एवं डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के उपनिदेशक दिनकर कुशवाहा व संचालन प्राचार्य कैलाश कुमार ने किया। मौके शिक्षक ऋषभ अग्रवाल को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को हमलोग संविधान निर्माता के रूप में जानते हैं। आंबेडकर विपुल प्रतिभा के छात्र थे। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स दोनों ही विश्वविद्यालयों से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधियाँ प्राप्त कीं तथा विधि, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में शोध कार्य भी किये थे। व्यावसायिक जीवन के आरम्भिक भाग में वे अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे एवं वकालत भी की तथा बाद का जीवन राजनीतिक गतिविधियों में अधिक बीता। इसके बाद आंबेडकर भारत की स्वतंत्रता के लिए प्रचार और चर्चाओं में शामिल हो गए और पत्रिकाओं को प्रकाशित की। वहीं शिक्षिका अंजली मिश्रा ने बच्चों को संबोधित करते हुए आर्यभट्ट के बारे में बतलाया और कहा कि आर्यभट्ट प्राचीन भारत के सबसे महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे, जिन्हें 'भारतीय गणित का जनक' माना जाता है। बिहार के कुसुमपुरा (पटना) में जन्मे आर्यभट्ट ने मात्र 23 वर्ष की आयु में प्रसिद्ध ग्रंथ 'आर्यभटीय' लिखा, जिसमें शून्य की अवधारणा, पाई  का मान और त्रिकोणमिति (साइन तालिका) का वर्णन है। उन्होंने ही सबसे पहले बताया कि पृथ्वी गोल है और अपनी धुरी पर घूमती है। 

 आर्यभट्ट का जन्म 476 ईस्वी में गुप्त काल के दौरान हुआ था। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी और वे खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी थे। उनकी सबसे प्रमुख रचना आर्यभटीय है, जो गणित और खगोल विज्ञान का एक संक्षिप्त लेकिन व्यापक ग्रंथ है। इसके अलावा उन्होंने 'आर्य-सिद्धांत' भी लिखा।

मौके पर मुख्य रूप से विद्यालय के शिक्षा अध्यक्ष रंजीत कुमार, वरिष्ठ शिक्षक ब्रह्मदेव सिंह चौहान, ऋषभ अग्रवाल महेंद्र विश्वकर्मा, कृष्ण यादव, आनंद राज, एरिका टोप्पो, अभिषेक कश्यप, भानु राज, अंजली मिश्रा,आनंदित दास, सरिता बा, नीलम बेदिया, कुलदीप रंजन राजेश कुमार रवि, विकास ठाकुर, सोनू कुमार,शंकर महतो, अफसाना परवीन, सुभाष प्रसाद आदित्य कुमार, देवंती देवी सहित सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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