कांके। इंडियन सोसाइटी ऑफ पल्सेज रिसर्च एंड डेवलपमेंट ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के एग्रोनॉमी विभाग के अध्यक्ष तथा निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) डॉ शंभूनाथ कर्माकर को फेलोशिप अवार्ड प्रदान किया है। प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए यह अवार्ड प्रदान किया गया।
आईसीएआर के भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर में 10 से 12 फरवरी तक 'दलहन, ग्रह और लोग: बदलते जलवायु परिदृश्य में टिकाऊ आजीविका एवं षोषण सुरक्षा' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया। यह अवार्ड भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक तथा पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ त्रिलोचन महापात्र द्वारा प्रदान किया गया।
डॉ कर्माकर ने पूर्वी भारत में जनजातीय और कम साधन वाले किसानों के लिए दलहन आधारित महत्वपूर्ण सस्य प्रौद्योगिकी का विकास किया है, जिससे उत्पादकता, उत्पादन स्थिरता और आजीविका सुरक्षा को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कई अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजनाओं को नेतृत्व प्रदान किया तथा दलहन फसल की चार उन्नत किस्मों- बिरसा अरहर-2 बिरसा उड़द- 2, बिरसा चना-3 तथा बिरसा मटर- 1 के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Post a Comment