रांची से अपहृत मासूम भाई–बहन अंश और अंशिका की 13 दिनों बाद सकुशल बरामदगी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भावुक होने के साथ-साथ सख्त संदेश दिया है। उन्होंने इसे अपहरणकर्ताओं के चंगुल से दो मासूम जिंदगियों की आज़ादी बताया और कहा कि यह मामला व्यक्तिगत रूप से उनके लिए भी बेहद पीड़ादायक और परेशान करने वाला रहा।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि शुरुआत में जांच के दौरान कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लग रही थी, लेकिन दूसरे राज्य में हुई इसी तरह की घटनाओं से कड़ियां जोड़ते हुए रांची पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में सफल रही और बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया। उन्होंने इसे पुलिस की सूझबूझ, धैर्य और पेशेवर क्षमता का प्रमाण बताया।
हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि यह जांच अभियान यहीं समाप्त नहीं होगा। राज्य के भीतर और राज्य से बाहर घटित ऐसी घटनाओं की गहन जांच की जाएगी और संगठित अपराधी गिरोह की कमर तोड़ने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने रांची पुलिस और झारखंड पुलिस की पूरी टीम को तत्परता और कार्यकुशलता के लिए बधाई दी, साथ ही अंश और अंशिका के परिवार के प्रति संवेदना और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उल्लेखनीय है कि अंश और अंशिका 2 जनवरी को अगवा कर लिए गए थे, जिसके बाद पूरे राज्य में चिंता और दुआओं का माहौल बना हुआ था। अब बच्चों के सकुशल मिलने से न केवल परिवार, बल्कि पूरे झारखंड ने राहत की सांस ली है।
Post a Comment