एनटीपीसी झारखण्ड छोड़ो आंदोलन की प्रदेश अध्यक्ष ने दी चेतावनी
आशीष कुमार साव
केरेडारी/ हजारीबाग: - हजारीबाग जिले के केरेडारी अंचल क्षेत्र में एनटीपीसी की पगार कोल परियोजना को लेकर भू-रैयतों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। एनटीपीसी का खनन कार्य रित्विक प्रा. लि. कंपनी कर रही है। 31 दिसंबर से बिरसा विस्थापित यूनियन के बैनर तले लगातार बढ़ते प्रदूषण और अपनी हक अधिकार और मुआवजे की मांग को लेकर स्थानीय भू-रैयत एनटीपीसी के खिलाफ आंदोलनरत हैं।
बुधवार को लोकहित अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल आंदोलन स्थल पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन कर रहे भू-रैयतों को फूल-मालाएं पहनाकर उनका हौसला बढ़ाया और संघर्ष को समर्थन देने की घोषणा की।
आंदोलन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू ने भू-रैयतों की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराया। उन्होंने एनटीपीसी, सरकार और झारखंड पुलिस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एनटीपीसी का रवैया ईस्ट इंडिया कंपनी से भी अधिक खतरनाक हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के कारण स्थानीय ग्रामीणों का जीवन, आजीविका और अस्तित्व खतरे में है। इस दौरान आंदोलन स्थल पर एनटीपीसी, सरकार और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
वहीं बिरसा विस्थापित यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष योगेंद्र साव ने लोकहित अधिकार पार्टी के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी की परियोजना ने भू-रैयतों की जिंदगी को संकट में डाल दिया है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रतिनिधिमंडल में लोकहित अधिकार पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्होंने एकजुट होकर भू-रैयतों के संघर्ष में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल में लोकहित अधिकार पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष रामविलास साव, प्रदेश महासचिव प्रमोद प्रसाद गुप्ता, रांची जिला अध्यक्ष अशोक राम, अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजय राम, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मोहम्मद कलीम अंसारी, रांची जिला के कार्यसमिति गणेश साहू, मीडिया प्रभारी आशीष कुमार शामिल हुए।
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