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सोमनाथ मंदिर पर हमले के 1000 वर्ष पूरे, देशभर में मनाया जा रहा स्वाभिमान पर्व


सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित शौर्य यात्रा के समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की। इससे पहले पीएम मोदी ने गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में आयोजित शौर्य यात्रा का नेतृत्व किया। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से निकाली गई थी।

शौर्य यात्रा के दौरान 108 अश्वों की भव्य झांकी निकाली गई, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक रही। यात्रा मार्ग के दोनों ओर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग और श्रद्धालु मौजूद थे। पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहन पर सवार होकर करीब एक किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व उन अनगिनत नागरिकों की स्मृति में मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह पर्व आने वाली पीढ़ियों को सांस्कृतिक चेतना और साहस की प्रेरणा देता रहेगा। उल्लेखनीय है कि महमूद गजनी ने वर्ष 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था, जिसके दौरान कई वीरों ने बलिदान दिया था।

शौर्य यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी शामिल हुए। यह यात्रा साहस, बलिदान और उस अदम्य भावना का प्रतीक मानी जाती है, जिसने सदियों की कठिनाइयों के बावजूद सोमनाथ की रक्षा की।

इस अवसर पर पीएम मोदी ने वीर हमीरजी गोहिल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वीर हमीरजी गोहिल ने वर्ष 1299 ईस्वी में जफर खान के हमले के दौरान सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ आकर वह स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमनाथ हमारी सभ्यतागत साहस और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है और शौर्य यात्रा इस गौरवशाली परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति है।

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