आशीष कुमार साव
हजारीबाग:- हजारीबाग जिला के सदर प्रखंड अंतर्गत रोला स्थित रेड रोज पब्लिक स्कूल के नवमी कक्षा के छात्रों का चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण गुरुवार को उत्साह और उमंग के साथ प्रारंभ हुआ। इस शैक्षणिक यात्रा के अंतर्गत छात्र झारखंड, ओडिशा एवं आसपास के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक अनुभव प्रदान करना तथा विभिन्न राज्यों की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत से परिचित कराना है। विद्यालय के प्राचार्य अमर कुमार गुप्ता ने छात्रों को रवाना करते हुए बताया कि शैक्षणिक भ्रमण शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे बच्चों में सीखने की जिज्ञासा बढ़ती है और वे प्रत्यक्ष रूप से प्रकृति, इतिहास और संस्कृति को समझ पाते हैं। उन्होंने कहा कि इस टूर का मुख्य मकसद छात्रों को प्रैक्टिकल सीखने का अवसर देना और राज्य की विविध सांस्कृतिक धरोहरों से अवगत कराना है। इस चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्र दामोदर नदी, देवरी मंदिर, दशम फॉल, जुबली पार्क, जमशेदपुर चिड़ियाघर, डिमना झील, जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क मंदिर, चांडिल बांध तथा पुरी बीच (ओडिशा) जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण करेंगे। इन सभी स्थानों का चयन शैक्षणिक, धार्मिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पूरे शैक्षणिक भ्रमण का नेतृत्व शिक्षक नागेश्वर मेहता एवं कोलेश्वर गुप्ता कर रहे हैं। भ्रमण के दौरान दोनों शिक्षक छात्रों को विभिन्न स्थलों के ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे। जाने के क्रम में देवरी मंदिर, दशम फॉल और जुबली पार्क जैसे स्थलों पर छात्रों को प्रत्यक्ष अवलोकन के माध्यम से संबंधित विषयों की जानकारी दी जाएगी। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार इस शैक्षणिक भ्रमण में कुल 25 छात्र शामिल हैं। छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर विद्यालय प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रा के दौरान छात्रों को समूह में रहने, समय का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान जमशेदपुर चिड़ियाघर में छात्रों को विभिन्न प्रजातियों के वन्य जीवों के बारे में जानकारी मिलेगी, वहीं डिमना झील और दशम फॉल में प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाया जाएगा। कोणार्क मंदिर और जगन्नाथ मंदिर के भ्रमण से छात्रों को भारतीय वास्तुकला, इतिहास और धार्मिक परंपराओं की जानकारी प्राप्त होगी। पुरी बीच में समुद्री पर्यावरण और तटीय जीवन से संबंधित विषयों पर भी शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन किया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का मानना है कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से छात्रों के व्यक्तित्व विकास में मदद मिलती है और उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। छात्रों में भी इस भ्रमण को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। सभी छात्र नए स्थानों को देखने और सीखने को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। विद्यालय के प्राचार्य ने अंत में कहा कि भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।

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