मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर बैठे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इस पहल के तहत अब बुजुर्गों को इलाज या नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह निर्णय ‘सात निश्चय पार्ट-3’ के तहत सबका सम्मान–जीवन आसान लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए लिया गया है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दी।
नई व्यवस्था के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर पर ही पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर जांच, ईसीजी जैसी आवश्यक मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर स्वयं घर पहुंचकर इलाज करेंगे, जबकि नर्सिंग केयर की सुविधा भी दी जाएगी।
आपात स्थिति में बुजुर्गों को घर पर ही आवश्यक चिकित्सकीय सहायता देने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा फिजियोथेरेपी जैसी सेवाएं भी घर तक पहुंचाई जाएंगी, जिससे उन्हें लंबे समय तक अस्पताल या क्लीनिक जाने की मजबूरी नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में कहा कि 24 नवंबर 2005 से उनकी सरकार सभी वर्गों के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक सम्मानजनक, सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन जी सके, और बुजुर्गों के लिए यह पहल उसी सोच का हिस्सा है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आम जनता से सुझाव भी आमंत्रित किए हैं। सरकार की ओर से एक क्यूआर कोड जारी किया गया है, जिसे स्कैन कर लोग अपने सुझाव और विचार सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं।
सरकार का दावा है कि इस योजना से बिहार के लाखों वरिष्ठ नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाएं अब उनके घर के दरवाजे तक पहुंचेंगी। इसे सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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